ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
ख़त
Unwind By Arti Chauhan

ख़त

"आपके बेटे का कोई ख़त नहीं आया माँ जी "डेस्क के पीछे बैठे एक आदमी ने कहा।" यह सुन उसकी मोतिया बिंद वाली नज़र झुक जाती है।और वह लकड़ी के…

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