ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

इंतज़ार राम का

नन्हे राम ने चौखट पर दिया रखती हुई अपनी माँ से पूछा ”माँ दिवाली क्यों मनाते हैं ?” माँ ने मुस्कुराते हुए कहा ”आज के दिन राम अपने घर लौटे…

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