ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
मंदिर-मस्जिद और रेत का मकान
By Arshad Mohsin

मंदिर-मस्जिद और रेत का मकान

* रेत का मकान वो बच्चा रेत का मकान बनाता  समुन्दर आता और उसे तोड़ जाता,  यह शिलशिला यूँही चलता रहा  मकान बनता और बिगड़ता रहा , मगर कुछ वक़्त बाद बच्चा…

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