ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

शैलपुत्री के जन्म का रहस्या-नवरात्रि

शिव का अपमान  विष्णु, ब्रह्मा, इंद्र समेत सारे देवता वँहा उपस्थित थे। ऋषियों, ब्रह्मणो और राजाओं से मंडप भरा हुआ था। राजा दक्ष के विष लिप्त बाण रूपी शब्द सती…

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