ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

श्री विष्णु को नारदमुनि ने क्यों श्राप दिया?-शिव पुराण

एक समय की बात है,  भगवान विष्णु के भक्त नारदजी, जो ब्रह्माजी के पुत्र है। उन्होंने तपस्या करने का मन बनाया। तपस्या के लिए उन्होंने कैलाश पर्वत पर गंगा नदी के…

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