ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
“पांडवों के अलावा ‘द्रौपदी’ के मन में कोई और था – महाभारत कथा”
राजा रवि वर्मा पेंटिंग

“पांडवों के अलावा ‘द्रौपदी’ के मन में कोई और था – महाभारत कथा”

द्रौपदी की यह कथा "महाभारत" काल में उन दिनो की है जब वह पांडवों के साथ तेरह वर्षों का निर्वासन व्यतीत कर रही थी। बारह वर्षों का वनवास और एक…

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