ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
भगत सिंह- एक क्रांतिकारी कवि की जेल डायरी
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भगत सिंह- एक क्रांतिकारी कवि की जेल डायरी

19 साल की उम्र में ही उसकी शादी तय हो गई थी। किंतु उसने यह बोल कर घर छोड़ दिया कि “आज़ादी ही उसकी दुल्हन है।” और देश की आज़ादी…

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