ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

इश्क़ की मिश्री

इश्क़ वाली दुकान से, इश्क़ की मिश्री लाया था, कुछ हिस्से में चींटी लग गई, कुछ बेस्वाद सा हो गया, अब उस दुकान की तरफ रुख नहीं मेरा…

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