ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

” Feminist “

ज़ोर-ज़ोर से बातें कर रही है , शायद सच ही कह रही है आवाज़ जो इसकी इतनी ऊँची है, इसके माथे पर बड़ी सी बिंदी है, स्कॉर्फ़ पशमीना है शायद,…

Continue Reading
“दरवाज़े का सिपाही”
Labrador Puppy Head On in Black and White against a Black Background; Shutterstock ID 10488424; PO: aol; Job: production; Client: drone

“दरवाज़े का सिपाही”

बस कुछ रोटी के टुकड़े ही डाले थे उसे और वो मेरे दरवाज़े का सिपाही बन गया, अब घर से निकलते ही मेरे वो साथ कुछ दूर तक सड़क नापता…

Continue Reading

“ख्वाहिशें”

उसके बाद तुम्हारी ख्वाहिशें पूरी करेंगे, हम मिल कर उन अधूरे सपनो और टूट चुके तारों को जोड़ेंगे, फिर एक नया आसमान बनायेंगे जिसे अपने ही रंगो से हम सजाएँगे,…

Continue Reading

” मुझे मंज़ूर नहीं “

मैं बेजान ही सही, पर तुमसा ज़िंदा, होना मुझे मंज़ूर नहीं... मैं पाताल ही सही, पर तुमसा अभिमानी आकाश, होना मुझे मंज़ूर नहीं... मैं अँधेरा ही सही, पर तुमसा मतलबी…

Continue Reading

” केद इश्क़ “

इश्क़ बंद हो चला है, अब कीपैड की दुनिया में, स्क्रीन पर क़समें खाई जाती है, और इन्बाक्स में दिल धड़कते हैं, फूल भी खिलते हैं वँहा, अब सुबह स्याम…

Continue Reading

“एक दिन”

जो धूल पैरों पर है लगी तेरे, वो जानती है, तू उसे ज़मीन बना देगा, इतनी आग है तुझमें, कि एक दिन, तू आसमान पिघला उस पर बरसा देगा।  

Continue Reading

“पापा (Father)”

नीला फ़्रॉक बसता पहने, मैं रोती-रोती  घर पहुँची, घुटना छिल चुका था मेरा, दरवाज़ा खोल आवाज़ मैंने दी, पापा-पापा देखो मैं गिर पड़ी, प्रत्युत्तर में ख़ामोशी थी, खारी बूँदे अब…

Continue Reading

“Buri Adaat”

ना जाने क्यों इन इंसानी नज़दीकियों से, जल्द ऊब जाता हूँ मैं, शायद यह आदत बुरी है मेरी, यह जान कर भी मैं, इसे बदलना नहीं चाहता, शायद खुदा मैं…

Continue Reading
Close Menu