Shailism Revolutionary soul

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“डर”

डर लगता है ना, मुझे भी लगता था, पर मैं उसे निगल गया, डर अब मुझसे डरता है, आपने सुकून के लिए अब वो, मेरी एक फूंक के लिए तड़पता…
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“पहचान पाये”

मकानों को टुटा बिखरा देखा है ? खून के धब्बों से रंगी ज़मीन? खम्बों पर लटकते अध नंगे शरीर? देखा ज़रूर होगा, कई किस्से होते हैं ऐसे, मज़हब के नाम…
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“जड़े”

उसने ज़मीन साफ़ कर खुद के माकन और दीवारे बनाली, बिना सोचे ये की एक जान अब भी जमी है उसी ज़मीन में, उस जान ने भी ज़िंदा रहने अपनी…
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“Mukhota”

Clay Work Kyon silna chahte ho mujhe? Kyon chahte ho meri nazron ki sarhade ho? Kyon main wahi kahun jo tumhe pasand ho? Kyon main bhi mukhoton ke andar jeeun?
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“एक”

क्या हम किताबों में लिखी बातों को जानते हैं ?, हाँ ?, तो फिर क्यों "हम सब एक" को नहीं मानते हैं ?, क्यों हम तीन और चार हो जाया…
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“तुम्हारे हिस्से के तारें”

अगर आज धुंध कम होगी तो, तुम्हे आपने हिस्से के आसमान के, कुछ सितारे भेजूंगा... जानता हूँ तुम्हारे हिस्से के तारें, काले बादलों की कैद मैं हैं...
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“इंतज़ार”

"आपके बेटे का कोई खत नहीं आया माँ जी ", डेस्क के पीछे बैठे एक आदमी ने कहा. यह सुन वो अपनी मोतीया बिंद वाली नज़रों को निचे किये, लकड़ी…
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“Racing Up With The First Rays Of The Sun”

After a whole night fighting with my haunted thoughts, I decided to go for a ride. The sun was still asleep. The moon was tired and the stars were shutting…
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