ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
“Khawish”

“Khawish”

उसके बाद तुम्हारी ख्वाहिशे पूरी करंगे,
वो अधूरे सपने और
टूटे तारों को मिलके जोड़ेंगे,
फिर एक नया आसमान बनायंगे
कुछ हमारे
तो कुछ नारंगी नील रंगो से उसे भरेंगे,
एक चाँद बेदाग़ सा भी होगा,
दो किरणे हर सुबह मिलेंगी
हम पर जो गिरेंगी,
एक नया जहान होगा
जंहा तुम, तुम और मैं, मैं होंगे
पर एक लम्हा मैं और तुम को “हम” बनाएगा…

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