ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
दानवीर-लघु कथा
Painting by R Aziz

दानवीर-लघु कथा

लघु कथा by Shailism  भरी धूप का वक़्त था। एक कच्ची सड़क के किनारे एक पेड़ की छांव में एक आदमी बैठा था। उसने सर पर एक मटमेला कपड़ा बाँध…

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ख़त
Unwind By Arti Chauhan

ख़त

"आपके बेटे का कोई ख़त नहीं आया माँ जी "डेस्क के पीछे बैठे एक आदमी ने कहा।" यह सुन वो अपनी मोतीया बिंद वाली नज़रों को निचे किये, लकड़ी के…

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इंतज़ार राम का

नन्हे राम ने चौखट पर दिया रखती हुई अपनी माँ से पूछा ”माँ दिवाली क्यों मनाते हैं ?” माँ ने मुस्कुराते हुए कहा ”आज के दिन राम अपने घर लौटे…

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चुप्पी

"कल रात लैंडस्लाइडिंग होने की वजह से यँहा तक आने वाला एक मात्र रास्ता बंद हो चूका है। मौसम को देखते हुए तीन-चार दिनों में रास्ता खुल जाने की सम्भावना है।…

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