ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

सूर्यपुत्र कर्ण का अंतिम दान – महाभारत

“अरे !! कोई दानवीर इस धरती पर बचा है क्या ?” कपकपाता हुआ एक स्वर शांत वातावरण को चिरता हुआ कँही से आया। सबने एक दम से मुख मोड़ा। एक…

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कलियुग के अंत के बाद संसार और मनुष्य का क्या होगा ?- श्री हनुमान की कथा

शास्त्रों के अनुसार चार युग होते हैं। जिसमें अंतिम युग कलियुग है और कलियुग की समाप्ति के बाद फिर से सतयुग का आगमन होता है।मतलब संसार की समाप्ति होगी और…

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श्री गणेश का वाहन मूषक क्यों है? (गणेश चतुर्थी)
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श्री गणेश का वाहन मूषक क्यों है? (गणेश चतुर्थी)

संसार में शायद ही ऐसा कोई शिव मंदिर होगा जँहा नंदी जो कि शिव के वाहन भी है और उनके गण के अध्यक्ष भी की मूर्ति ना हो। उसी तरह…

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श्री विष्णु को नारदमुनि ने क्यों श्राप दिया?-शिव पुराण

एक समय की बात है,  भगवान विष्णु के भक्त नारदजी, जो ब्रह्माजी के पुत्र है। उन्होंने तपस्या करने का मन बनाया। तपस्या के लिए उन्होंने कैलाश पर्वत पर गंगा नदी के…

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दुर्योधन को श्री कृष्ण ने बताया युद्ध विजयी होने का रहस्य- महाभारत कथा
molee art

दुर्योधन को श्री कृष्ण ने बताया युद्ध विजयी होने का रहस्य- महाभारत कथा

महाभारत का युद्ध समाप्त हो चुका था। दुर्योधन (सूर्योधन) मृत्यु संया पर लेटा हुआ था। उसने श्री कृष्ण को अपने समीप आते हुए देखा। दुर्योधन को क्रोध तो नहीं आया…

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“पांडवों के अलावा ‘द्रौपदी’ के मन में कोई और था – महाभारत कथा”
राजा रवि वर्मा पेंटिंग

“पांडवों के अलावा ‘द्रौपदी’ के मन में कोई और था – महाभारत कथा”

द्रौपदी की यह कथा "महाभारत" काल में उन दिनो की है जब वह पांडवों के साथ तेरह वर्षों का निर्वासन व्यतीत कर रही थी। बारह वर्षों का वनवास और एक…

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