ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
मुलाक़ात हुई नहीं कभी बस Follow किया करते है।

मुलाक़ात हुई नहीं कभी बस Follow किया करते है।

वो जानती है मुझे

और मैं भी उसे,

मुलाक़ात हुई नहीं कभी,

पर एक दूसरे को हम

फ़ॉलो(Follow) किया करते हैं,

किस जहान से है,

किस तरह से है,

किस सोच में रही,

किस राह वो चली,

यह मुझे मालूम नहीं,

मुलाक़ात हुई नहीं कभी

पर एक दूसरे को हम

फ़ॉलो किया करते हैं…

 

कल उसने एक तस्वीर पोस्ट की थी,

कॉफ़ी का मग हाँथ में लिए

वो खिड़की पर खड़ी

बाहर की तरफ़ देख रही थी,

खुला आसमान था,

एक झील जो पेड़ों से थी घिरी,

कमरे में अँधेरा था

उस अंधेरे से

वो उस झील में उतरते

आसमान को देख रही थी,

मैंने उस तस्वीर को लाइक किया,

वो भी करती है मेरे पोस्ट को लाइक,

मुझे भी करती है या नहीं

यह मुझे मालूम नहीं,

मुलाक़ात हुई नहीं कभी

पर एक दूसरे को हम

फ़ॉलो किया करते हैं…

 

कई बार मैं

उसे टटोलता रहता हूँ,

कभी उसके profile में तो

तो कभी ख़यालों में

मैं उसकी रूह को

पहचाने की कोशिश किया करता हूँ,

क्या सच में ज़िंदगी

उसकी आँखों में तेरती है ?,

क्या सच में वो मुस्कुराती है ,

या ज़माने को दिखती है ?,

क्या उसे भी rooftop में लेट कर

तारों को देखना अच्छा लगता है ?,

और बंद करे जब आँखें तो

उसे क्या दिखता है ?,

मैं अक्सर सोचता हूँ उसे,

वो मेरे बारे में भी सोचती है

यह मुझे मालूम नहीं,

मुलाक़ात हुई नहीं कभी,

पर एक दूसरे को हम

फ़ॉलो किया करते हैं…

 

वो जानती है मुझे

और मैं भी उसे,

बस पहचान अभी बाक़ी है,

मुलाक़ात हुई नहीं कभी

पर एक दूसरे को हम

फ़ॉलो किया करते हैं…

*follow on instagram – https://www.instagram.com/

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