ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
चुप्पी

चुप्पी

“कल रात लैंडस्लाइडिंग होने की वजह से यँहा तक आने वाला एक मात्र रास्ता बंद हो चूका है। मौसम को देखते हुए तीन-चार दिनों में रास्ता खुल जाने की सम्भावना है। रास्ता खुलते ही पोस्टमैन आप तक आपकी चिट्टी या पार्सल पंहुचा पायेगा।” यह कहने के बाद अफसर अपना सर निचे किये अपने केबिन की तरफ लौट गया।
वँहा मौजूद सारे सिपाही एक चुप्पी लिए अपनी-अपनी ड्यूटी करने चल दिए।

By Shailism 

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