ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
“दरवाज़े का सिपाही”
Labrador Puppy Head On in Black and White against a Black Background; Shutterstock ID 10488424; PO: aol; Job: production; Client: drone

“दरवाज़े का सिपाही”

बस कुछ रोटी के टुकड़े ही डाले थे उसे

और वो मेरे दरवाज़े का सिपाही बन गया,

अब घर से निकलते ही मेरे

वो साथ कुछ दूर तक सड़क नापता है,

मैं आगे बढ़ जाता हूँ

वो पीछे दरवाज़े पर लौट आता है,

शायद तसली करने आता है कि

मैंने राह तो सही पकड़ी है या नहीं,

जब मैं लौट वापस आता हूँ

दूर से देख मुझे वो मचलने लगता है

पास आ मेरे चारों तरफ उछलने लगता है,

पूँछ उसकी पंखा बन जाती है,

वो बार बार मुझे सूँघने लगता है,

अपने पंजो को मेरे पैरों पर यूँ रखता है,

जैसे वो मेरी थकान महसूस कर सकता है,

कुछ देर ही सही मगर

वो मुझे सहला दिया करता है,

कई बार रातों को अकेले रोता है ,

बाल्कनी से जब मैं आवाज देता हूँ

वो सर उठा मेरी तरफ़ देखता है,

सिसकना बंद कर सिपाही

मुझे सोने के लिए कहता है

और ख़ुद रात भर पहरेदारी करता है

जाने क्यों वो इतनी फ़िक्र करता है,

बस कुछ रोटी के टुकड़े ही डाले थे उसे

और वो मेरे दरवाज़े का सिपाही बन गया।

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