ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
“तुम्हारे हिस्से के तारें”

“तुम्हारे हिस्से के तारें”

अगर आज धुंध कम होगी तो
तुम्हे आपने हिस्से के आसमान के
कुछ सितारे भेजूंगा…

जानता हूँ तुम्हारे हिस्से के तारें,
काले बादलों की कैद मैं हैं…

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