ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
“एक दिन”

“एक दिन”

जो धूल पैरों पर है लगी तेरे,

वो जानती है,

तू उसे ज़मीन बना देगा,

इतनी आग है तुझमें,

कि एक दिन,

तू आसमान पिघला उस पर बरसा देगा।

 

Leave a Reply

Close Menu
%d bloggers like this: