ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
शरीफ़ आदमी – हिंदी लघु कथा
Painting by Picasso

शरीफ़ आदमी – हिंदी लघु कथा

लघु कथा  “आप तो उन गलियों को पहचानते है। रोज़ का आना जाना है।” “हाँ बहुत अच्छी तरह से।” अकड़ते हुए कहा। “कहाँ-कहाँ का माल है वँहा पर?” “बंगाल, बिहार, पंजाब…

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वो सुनहरे अल्फ़ाज़ों की नज़्म बन गई – कविताएँ

1.पहला ख़याल  मैंने मोहब्बत की है  तुम्हें पाने की ज़िद नहीं, तुम मेरी तख़्लीक़ का  पहला ख़याल हो  कोई आदत नहीं, दूरियों से ख़ामोशी  में की गई मोहब्बत  भी किसी से…

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शैलपुत्री के जन्म का रहस्या-नवरात्रि

शिव का अपमान  विष्णु, ब्रह्मा, इंद्र समेत सारे देवता वँहा उपस्थित थे। ऋषियों, ब्रह्मणो और राजाओं से मंडप भरा हुआ था। राजा दक्ष के विष लिप्त बाण रूपी शब्द सती…

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तीन लघु-कथा (Dedicated To Indian Soldiers And Their Families)

1.चुप्पी "कल रात लैंडस्लाइडिंग होने की वजह से यँहा तक आने वाला एक मात्र रास्ता बंद हो चूका है। मौसम को देखते हुए तीन-चार दिनों में रास्ता खुल जाने की सम्भावना…

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सूर्यपुत्र कर्ण का अंतिम दान – महाभारत

“अरे !! कोई दानवीर इस धरती पर बचा है क्या ?” कपकपाता हुआ एक स्वर शांत वातावरण को चिरता हुआ कँही से आया। सबने एक दम से मुख मोड़ा। एक…

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