ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

शैलपुत्री के जन्म का रहस्या-नवरात्रि

शिव का अपमान  विष्णु, ब्रह्मा, इंद्र समेत सारे देवता वँहा उपस्थित थे। ऋषियों, ब्रह्मणो और राजाओं से मंडप भरा हुआ था। राजा दक्ष के विष लिप्त बाण रूपी शब्द सती…

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तीन लघु-कथा (Dedicated To Indian Soldiers And Their Families)

1.चुप्पी "कल रात लैंडस्लाइडिंग होने की वजह से यँहा तक आने वाला एक मात्र रास्ता बंद हो चूका है। मौसम को देखते हुए तीन-चार दिनों में रास्ता खुल जाने की सम्भावना…

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सूर्यपुत्र कर्ण का अंतिम दान – महाभारत

“अरे !! कोई दानवीर इस धरती पर बचा है क्या ?” कपकपाता हुआ एक स्वर शांत वातावरण को चिरता हुआ कँही से आया। सबने एक दम से मुख मोड़ा। एक…

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“इश्क़ की मिश्री” पाँच कविताएँ – Shailism

1. "बारिश"  घर से निकलते ही, यादों की जोरों से बारिश होने लगी, छतरी मैंने साथ नहीं रखी थी, पूरा ही भीग गया, कुछ बूँदे मखमली चादर ओढ़े हुई थी  ,…

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कलियुग के अंत के बाद संसार और मनुष्य का क्या होगा ?- श्री हनुमान की कथा

शास्त्रों के अनुसार चार युग होते हैं। जिसमें अंतिम युग कलियुग है और कलियुग की समाप्ति के बाद फिर से सतयुग का आगमन होता है।मतलब संसार की समाप्ति होगी और…

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